जब किसी कुंडली में 0.05 सेकंड में धारा `+ 2A "से "-2A` हो जाती है , तब कुंडली में 8 V का वि. वा. बल उत्पन्न हो जाता है । कुंडली का स्वप्रेरकत्व है -
जब किसी कुंडली में 0.05 सेकंड में धारा `+ 2A "से "-2A` हो जाती है , तब कुंडली में 8 V का वि. वा. बल उत्पन्न हो जाता है । कुंडली का स्वप्रेरकत्व है -
A. `0.2` H
B. `0.4`H
C. `0.8`H
D. `0.1`H
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