किसी प्रकोष्ठ में एक ऐसा चुंबकीय क्षेत्र स्थापित किया गया है जिसका परिमाण तो एक बिंदु पर बदलता है , पर दिशा निश्चित है ( पूर्व से पश्चिम ) । इस प्रकोष
किसी प्रकोष्ठ में एक ऐसा चुंबकीय क्षेत्र स्थापित किया गया है जिसका परिमाण तो एक बिंदु पर बदलता है , पर दिशा निश्चित है ( पूर्व से पश्चिम ) ।
इस प्रकोष्ठ में एक आवेशित कण प्रवेश करता है और अविचलित एक सरल रेखा में अचर वेग से चलता रहता है । आप कण के प्रारम्भिक वेग के बारे में क्या कह सकते है ?
4 views
1 Answers
हम जानते है कि चुंबकीय क्षेत्र के अंदर गमनशील आवेशित कण पर बल
`vec(F_(m)) = q (vec(v) xx vec(B))`
आवेशित कण अवक्षेपित चलेगा अर्थात इस पर बल शून्य होगा ।
यदि `(vec(v)xxvec(B))`है ।
`(vec(v)xxvec(B))` तब शून्य होगा जब आरम्भिक वेग B के समांतर अथवा विपरीत दिशा में हों ।
4 views
Answered