जब किसी कुंडली में धारा का मान 0.40 सेकण्ड में एक दिशा में 10 A तथा विपरीत दिशा में 10 A तक परिवर्तित होता है तब प्रेरित वि० वा० बल 0.4V है। कुंडली के
जब किसी कुंडली में धारा का मान 0.40 सेकण्ड में एक दिशा में 10 A तथा विपरीत दिशा में 10 A तक परिवर्तित होता है तब प्रेरित वि० वा० बल 0.4V है। कुंडली के स्वप्रेरण गुणांक का मान ज्ञात कीजिए।
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यहाँ, `epsi=0.4 V`
`dI=10-(-10)=20A, dt=0.40s, L=?`
`:. epsi=L (d I)/(d t)` से,
`L=epsi (d t)/(d l)=(0.4xx0.4)/20=8xx10^(-3) H`.
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