`5000 Å` तरंगदैधर्य का प्रकाश एक रेखा छिद्र पर अभिलंबवत गिर रहा है|प्रतिरूप में केंद्रीय उच्छिष्ठ की कोणीय चौड़ाई ज्ञात कीजिये, यदि रेखा छिद्र की चौड़ाई
`5000 Å` तरंगदैधर्य का प्रकाश एक रेखा छिद्र पर अभिलंबवत गिर रहा है|प्रतिरूप में केंद्रीय उच्छिष्ठ की कोणीय चौड़ाई ज्ञात कीजिये, यदि रेखा छिद्र की चौड़ाई
(i) `2xx10^(-5)`मीटर हो
(ii) `10^(-6)` मीटर हो
1 Answers
(i ) विवर्तन प्रतिरूप में प्रथम निम्निष्ठ की कोणीय स्थिति यदि `theta_(1)` हो तब
`sin theta_(1)=(lamda)/(d)`
तथा केन्दीय उच्छिष्ठ की कोणीय चौड़ाई `theta_(0)=2theta_(1)`
यहाँ `lamda=5000Å=5xx10` मीटर
`thereforesin theta_(1)=(5xx10^(-7))/(2xx10^(-5))=.025`
`sin theta_(1)` अत्यंत शुष्म हे, अतः `theta_(1)` शुष्म है|अतः
`theta_(1)=sin theta_(1)=0.025`
`theta_(0)=2theta_(1)=2xx0.0.025=0.050` रेडियन
(ii ) यहाँ `d=10^(-6)` मीटर
`thereforesin theta_(1)=(5xx10^(-7))/(10^(-6))=0.5=1/2`
`theta_(1)=30^(@)`
`theta_(0)=2theta_(1)=60^(@)`