माना समुच्चय `A = NxxN` में एक द्विआधारी संक्रिया निम्न प्रकार परिभाषित है|
` (a,b) **(c,d)=(ad+bc,bd) AA(a,b),(c,d) in NxxN ` सिद्ध कीजिए की संक्रिया * समुच्चय A में साहचर्य व क्रमविनिय है|

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प्रश्नानुसार
` " "(a,b) **(c,d) =(ad+bc ,bd) ,(a,b) ,(c,d) in NxxN `
` rArr " "(c,d) **(a,b)= (cb+ da,db) `
` because " "ab + bc =cb +da ` तथा bd =db
(because योग तथा गुण समुच्चय N में क्रमविनिय है|)
` therefore " "(ab+ bc ,bd ) =(cb+da ,db ) `
` rArr " " (a,b) **(c,d) =(c,d) **(a,b) `
` rArr ` संक्रिया * समुच्चय N में क्रमविनिय है|
अब माना ` " "(a,b),(c,d) ,(e,f) in A `
तब `[ (a,b)**(c,d) ]**(e,f) =[ad,+bc,bd]**(e,f) = [(ad+bc) f+ (bd ) e,(bd )f ]`
` " "=(adf +bef +bde ,bdf ) " "...(1) `
(N में योग तथा गुण में साहचर्य व कर्मविनिय नियम से) व इसी प्रकार
` (a,b) **[(c,d) **(e,f)] ** [(cf+ de ,df) ]`
` " "= [a(df)+ b(cf+de) ,b (df)]`
` " " =(adf +bcf +bde ,bdf ) " "...(2) `
(` therefore ` समीकरण (1 ) व (2 ) से,
` [(a,b )**(c,d) ] **(e,f ) = (a,b ) **[(c,d )**(e,f)] `
` rArr ` संक्रिया * समुच्चय A में क्रमविनिय है|

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