जैसा कि आपने इस अध्याय में सीखा है कि कोई तुल्यकाली उपग्रह पृथ्वी के पृष्ठ से लगभग 36,000 km ऊंचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा करता है । इस उपग्रह के निर्धा
जैसा कि आपने इस अध्याय में सीखा है कि कोई तुल्यकाली उपग्रह पृथ्वी के पृष्ठ से लगभग 36,000 km ऊंचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा करता है । इस उपग्रह के निर्धारित स्थल पर पृथवी के गुरुत्व बल के कारण विभव क्या है । (अनन्त पर स्थितिज ऊर्जा शून्य लीजिए ।) पृथ्वी का द्रव्यमान `= 6.0 xx 10^(24) kg`, पृथ्वी की त्रिज्या = 6400 km
4 views