एक वृत्तीय कुण्डली का व्यास 0-2 मीटर है तथा इसमें तार के 1000 फेरे लपेटे गये हैं। यदि कण्डली में 0-1 ऐम्पियर की धारा प्रवाहित हो रही है तो उसके केन्द्
एक वृत्तीय कुण्डली का व्यास 0-2 मीटर है तथा इसमें तार के 1000 फेरे लपेटे गये हैं। यदि कण्डली में 0-1 ऐम्पियर की धारा प्रवाहित हो रही है तो उसके केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात कीजिए।
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सूत्र
`b=(mu_(0))/(4pi).(2pinl)/r` टेस्ला
दिया है : n = 1000, 2r = 0.2 मीटर या r = 0.1 मीटर, I = 0.1 ऐम्पियर।
सूत्र में मान रखने पर,
`B=(10^(-7)xx2xx3.14xx1000xx0.1)/(0.1)`
`=6.28xx10^(-4)` टेस्ला
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