एक लंबी परिनालिका के इकाई सेंटीमीटर लंबाई में 15 फेरे हैं। उसके अंदर `2.0cm^(2)` का एक छोटा-सा लूप परिनालिका की अक्ष के लंबवत रखा गया है। यदि परिनालिका में बहने वाली धारा का मान 2.0A से 4.0A तक 0.1 s कर दिया जाए तो धारा परिवर्तन के समय प्रेरित विद्दुत वाहक बल कितना होगा ?

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दिया है- n= 15 फेरे/सेमी = 1500 फेरे/मीटर,
`(dI)/(dt)=(4.0-2.0)/(0.1)=20A/s`
`A=2.0cm^(2)=2.0(10^(-2)m)^(2)=2.0xx10^(-4)m^(2)`
`absepsilon=(dphi)/(dt)=d/(dt)(mu_(0)nIA)=mu_(0)nA(dI)/(dt)`
`=4pixx10^(-7)xx1500xx2.0xx10^(-4)xx20`
`=753600xx10^(-11)=7.5xx10^(-6)V`

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