यदि प्राथमिक कुण्डली में बहने वाली 3.0 ऐम्पियर धारा को 1 सेकण्ड में शून्य कर दिया जाता है , तो द्वितीयक कुण्डली में प्रेरित में वि. वा. बल 15 वोल्ट हो
यदि प्राथमिक कुण्डली में बहने वाली 3.0 ऐम्पियर धारा को 1 सेकण्ड में शून्य कर दिया जाता है , तो द्वितीयक कुण्डली में प्रेरित में वि. वा. बल 15 वोल्ट होता है । इन कुंडलियों का अन्योन्य प्रेरकत्व ज्ञात कीजिए।
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