एक विद्युत अपघटन प्रयोग में श्रेणीक्रम में जुड़े दो सैलों में पाँच घण्टे तक विद्युत धारा प्रवाहित की गई । प्रथम सैल में एक स्वर्ण लवण विलयन तथा दूसरे स
एक विद्युत अपघटन प्रयोग में श्रेणीक्रम में जुड़े दो सैलों में पाँच घण्टे तक विद्युत धारा प्रवाहित की गई । प्रथम सैल में एक स्वर्ण लवण विलयन तथा दूसरे सैल में `CuSO_(4)` विलयन उपस्थित है । प्रथम सैल में `9.83` ग्राम स्वर्ण जमा हुआ । यदि स्वर्ण की ऑक्सीकरण संख्या `+3` हो तो दूसरे सैल में एकत्रित कॉपर की मात्रा ज्ञात कीजिए । प्रवाहित की गई धारा का एम्पियर में परिमाण भी ज्ञात कीजिए ( Au का परमाणु भार = `97,Cu` का परमाणु भार `=63.5`) ।
1 Answers
स्वर्ण का तुल्यांक भार `(E_Au) =("परमाणु भार")/("ऑक्सीकरण संख्या")= (197)/(3)=65.67`
Cu का तुल्यांक भार `(E_Cu) =("परमाणु भार")/("ऑक्सीकरण संख्या")= (63.5)/(2)=31.75`
फैराडे के द्वितीय नियम के अनुसार ,
` (W_(Au))/(W_(Cu))=(E_(Au))/(E_(Cu))`
या `W_(Cu)=(W_(Au)xxE_(Cu))/(E_(Au))=(9.83xx31.75)/(65.67)=4.753g`
अतएव द्वितीय सैल में जमा Cu की मात्रा `=4.753g`. फैराडे के प्रथम नियम के अनुसार ,
`W_(Cu)=Zxx I xx t`
Cu के लिए `Z= ("तुल्यांक भार")/(96500)=(31.75)/(96500)=3.29xx10^(-4)gC^(-1)`
`t=5` घण्टे `=5xx60xx60=18000s`
`therefore I=(W_(Cu))/(Zxxt)=(4.753)/(3.29xx10^(-4)xx18000)=0.8026amp`
अतएव विद्युत धारा का परिमाण `0.8026 amp` है ।