बर्नूली समीकरण व्युत्पन करने में हमने नली में भरे तरल पर किये गए कार्य को तरल की गतिज तथा स्थितिज ऊर्जाओं में परिवर्तन के बराबर माना था। (a) यदि श्याक
बर्नूली समीकरण व्युत्पन करने में हमने नली में भरे तरल पर किये गए कार्य को तरल की गतिज तथा स्थितिज ऊर्जाओं में परिवर्तन के बराबर माना था। (a) यदि श्याकारी बल उपस्थित हैं, तब नली की अनुदिश तरल में गति करने पर दाब में परिवर्तन किस प्रकार होता हैं? - क्या तरल का वेग बढ़ने पर श्याकारी बल अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं?
(b) क्या तरल का वेग बढ़ने पर श्याकारी बल अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं? गुणात्मक रूप में चर्चा कीजिये।
4 views
1 Answers
Correct Answer - (a) दाब हास अधिक हैं; (b) तरल प्रवाह का वेग बढ़ने पर ष्यकारी बल अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
4 views
Answered