किसी परिपथ से सम्बद्ध चुम्बकीय फ्लक्स के मान में परिवर्तन से परिपथ में वि वा बल उत्पन्न करना विद्युत चुम्बकीय प्रेरण कहलाता है । दैनिक जीवन में हम इसस
किसी परिपथ से सम्बद्ध चुम्बकीय फ्लक्स के मान में परिवर्तन से परिपथ में वि वा बल उत्पन्न करना विद्युत चुम्बकीय प्रेरण कहलाता है । दैनिक जीवन में हम इससे अनभिज्ञ रहते हुए इसका उपयोग कई स्थानों पर करते है । उपरोक्त अनुच्छेद पढ़कर निम्न प्रश्नो का उत्तर दीजिये -
(ii) हमारे मुख्य संस्थानों की सुरक्षा में यह किस प्रकार उपयोगी सिद्ध हो रहा है ?
1 Answers
हमारे मुख्य संस्थानों जैसे हवाई अड्डा , रेलवे - स्टेशन , बस - स्टैंड , शॉपिंग मॉल , सैनिक संसथान , अस्पताल , अनुसन्धान क्षेत्र इत्यादि की सुरक्षा हेतु इनके मुख्य द्वार पर धातु संसूचक अर्थात मेटल डिटेक्टर लगाया जाता है । यात्रियों को डिटेक्टर की चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओ से होकर गुजरते है यदि उनके पास कोई धातु की वस्तु जैसे , चाकू , पिस्टल इत्यादि होता है तो वस्तु का एक चुम्बकीय क्षेत्र को उत्पन्न हो जाता है जिससे उसकी उपस्थिति का पता लगाया जा सकता है ओर हमारे महत्वपूर्ण संस्थानों को सुरक्षित रखा जाता है ।