ताप में `293k ` से `313 k` तक वृध्दि करने पर किसी अभिक्रिया का वेग चार गुना हो जाता है। इस अभिक्रिया के लिए सक्रिया ऊर्जा की गणना यह मानते हुए कीजिए क
ताप में `293k ` से `313 k` तक वृध्दि करने पर किसी अभिक्रिया का वेग चार गुना हो जाता है। इस अभिक्रिया के लिए सक्रिया ऊर्जा की गणना यह मानते हुए कीजिए कि इसका मान ताप के साथ परिवर्तित नही होता ।
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आहीनियम समीकरण के अनुसार
`log .(k_(2))/(k_(1)) = (E_(a))/(2.303R) [(1)/(T_(1))-(1)/(T_(2))]`
` T_(1) = 293 k, T_(2) = 313 k`
`log .(4)/(1)= (E_(a))/(2.303 xx (8.314J mol^(-1) K^(-1) )) [(1)/(293k) - (1)/(313k)]`
`log 4= (E_(a))/(2.303 xx (8.314 j mol^(-1)) ) xx (20)/(293 xx 313)`
`0.6021 = (E_(a))/(2.303 xx (8.314 J mol^(-1)) ) xx (20)/(293 xx 313)`
`E_(a)= (0.6021 xx 2.303 xx 8.314 xx 294 xx 313 (J mol^(-1)))/( 20)`
`E_(a) = 5.2863 xx 10^(4) J mol^(-1) = 52 .863 kJ mol^(-1)`