वायु की निरपेक्ष अपवर्तनांक `1.0003` है तथा निवृतमें पिले प्रकाश की तरंग-दैधर्य `6000Å` है|वायु स्तम्भ की वह मोटाई ज्ञात कीजिये जिसमे उसी मोटाई के निव
वायु की निरपेक्ष अपवर्तनांक `1.0003` है तथा निवृतमें पिले प्रकाश की तरंग-दैधर्य `6000Å` है|वायु स्तम्भ की वह मोटाई ज्ञात कीजिये जिसमे उसी मोटाई के निवर्तम स्तम्भ की अपेक्ष पिले प्रकाश की एक अतिरिक्त तरंग-दैधर्य होगी?
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पिले प्रकाश की, निवृत में तरंग-दैधर्य `lamda=6000Å`
अतः वायु में तरंग-दैधर्य `lamda_(a)=(lamda)/(mu_(a))=(6000)/(1.0003)Å`
माना वायु स्तम्भ अथवा निर्वात की मोटाई t है|निर्वात में तरंगो की संख्या N तथा वायु में `(N+1)` है
`thereforet=Nlamda=(N+1)lamda_(a)`
`(N+1)/(N)=(lamda)/(lamda_(a))=(6000)/(6000//1.0003)`
`1+1/N=1.0003,1/N=0.0003`
`thereforeN=(1)/(0.0003)=(10^(4))/(3)`
`therefore t=Nlamda=(10^(4))/(3)xx6000Å=2xx10^(7)Å=2` मिमी
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