सामान्यतः एक्टिनॉयड्स, लैंथेनॉयड्स की अपेक्षा अधिक ऑक्सीकरण अवस्थाएँ प्रदर्शित करते हैं। इसका कारण है -
A. 5f कक्षक, 4f कक्षकों की अपेक्षाकृत अधिक धँसे होते है
B. 4f तथा 5f कक्षकों के तरंग फलन के कोणीय भाग समान होते है
C. एक्टिनॉयड्स, लैंथेनॉयड्स की अपेक्षा अधिक सक्रिय होते हैं
D. 5f कक्षक 4f कक्षक की अपेक्षा नाभिक से अधिक दूरी पर होता है।

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Correct Answer - D
5f - कक्षकों 4f - कक्षक की अपेक्षाकृत नाभिक से दूर होने के कारण 6d - कक्षकों के समान ऊर्जा रखते हैं। अतः एक्टिनॉयड्स में 5f तथा 6d - कक्षक भी प्रयुक्त होते हैं जिसके कारण एक्टिनॉयड्स लैंथेनॉयड्स की अपेक्षाकृत अधिक ऑक्सीकरण अवस्थाएँ प्रदर्शित करते हैं।

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