सिलिकॉन परमाणुओं की संख्या `5xx10^28` प्रति `m^3` है। यह साथ ही साथ आर्सेनिक `5xx10^22` के परमाणु प्रति `m^3` और इंडिया के `5xx10^20` परमाणु प्रति `m^
सिलिकॉन परमाणुओं की संख्या `5xx10^28` प्रति `m^3` है। यह साथ ही साथ आर्सेनिक `5xx10^22` के परमाणु प्रति `m^3` और इंडिया के `5xx10^20` परमाणु प्रति `m^3` से अपमिश्रित किया गया है। इलेक्ट्रॉन और होल की संख्या का परिकलन कीजिए।
दिया है कि `n_1=1.5xx10^16 m^(-3)` |
दिया गया पदार्थ n-प्रकार का है या p-प्रकार का ?
1 Answers
प्रत्येक आर्सेनिक परमाणु एक इलेक्ट्रॉन देता है अत: दाता परमाणुओं का घनत्व `N_D = 5xx10^22` प्रति `m^3` प्रत्येक इंडियन परमाणु एक होल उत्पन्न करता है। अत: ग्राही परमाणुओं का घनत्व |
`N_A=5xx10^20` प्रति `m^3`
`n_i=1.5xx10^16` प्रति `m^3 , n_e n_h = n_1^2`
अर्ध्दचालक विधुतरूपेण उदासीन रहेगा यदि `N_D-N_A=n_e-n_h` ...(1)
`(n_e+n_h)^2=(n_e-n_h)^2+4n_en_h`
या `n_e + n_h = sqrt((n_e-n_h)^2 + 4n_e n_h)`
`=sqrt((N_D-N_A)^2+4n_i^2)` ...(2)
समी (1 ) और (2 ) से , `2n_e=(N_D-N_A)+sqrt((N_D-N_A)^2+4n_i^2)`
`=(5xx10^22 - 5xx10^20)+sqrt((5xx10^22-5xx10^20)^2+4xx(1.5xx10^16)^2)`
`=4.95xx10^22+sqrt((4.95xx10^22)^2+4xx2.25xx10^32)`
`=4.95xx10^22+4.95xx10^22, [because 4xx2.25xx10^32 lt lt (4.95xx10^22)^2]`
`therefore n_e=4.95xx10^22 "प्रति " m^3`
अब `n_h=(n_i^2(1.5xx10^16)^2)/(n_e 4.95xx10^22)=0.45xx10^9 "प्रति" m^3`
चूँकि `n_e gt gt n_h`, दिया गया पदार्थ N-प्रकार का अर्ध्दचालक है ।