एक दिए गए सिक्के का द्रव्यमान 3.0 g है | उस ऊर्जा की गणना कीजिए जो इस सिक्के के सभी न्यूट्रॉनों एवं प्रोटॉनों को एक-दूसरे से अलग करने के लिए आवश्यक हो | सरलता के लिए मान लीजिए कि सिक्का पूर्णत: `""_(29)^(63)"Cu"` परमाणुओं का बना है (`""_(29)^(63)"Cu")" का द्रव्यमान"= 62.92960" u"`) |

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`""_(29)^(63)"Cu"` के लिए प्रोटॉनों की संख्या Z = 29, द्रव्यमान संख्या A = 63, न्यूट्रॉनों की संख्या `=A-Z=63-29=34`
द्रव्यमान क्षति = कुल प्रोटॉनों का द्रव्यमान + कुल न्यूट्रॉनों का द्रव्यमान -Cu का द्रव्यमान
`:.DeltaM=[Z.m_(H)+(A-Z)m_(n)]-m(""_(29)^(63)"Cu")`
`=29xx1.007825+34xx1.008665-62.92960`
`=29.226925+34.29461-62.92960`
`=63.521535-62.92960`
`=0.591935" u"`
अत: बंधन ऊर्जा
`=DeltaM.c^(2)=0.591935" uc"^(2)`
`=0.591935xx931.5("MeV")/(c^(2))xx c^(2)`
`=551.3874525" MeV"=551.387" MeV."`
यह एक परमाणु की बंधन ऊर्जा है |
1 g मोल अर्थात 63g कॉपर में परमाणुओं की संख्या `=6.023xx10^(23)`
अत: 3.0 g कॉपर में परमाणुओं की संख्या
`=(6.023xx10^(23)xx3.0)/(63.0)`
अत: 3.0 g कॉपर के सिक्के के न्यूट्रॉनों और प्रोटॉनों को पृथक करने के लिए आवश्यक ऊर्जा
`=(6.023xx10^(23))/(63)xx3xx551.387`
`=158.14xx10^(23)`
`=1.581xx10^(25)" MeV."`

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