रदरफोर्ड के प्रकीर्णन प्रयोग में `alpha-` कण की निकटतम पहुँच की दूरी d हैं । यदि `alpha -` कणों को प्रोटॉन से प्रतिस्थापित कर दें तब प्रोटॉन की `alpha
रदरफोर्ड के प्रकीर्णन प्रयोग में `alpha-` कण की निकटतम पहुँच की दूरी d हैं । यदि `alpha -` कणों को प्रोटॉन से प्रतिस्थापित कर दें तब प्रोटॉन की `alpha - ` कणों के समान ही निकटतम पहुँच की दूरी d के लिए कितनी गतिज ऊर्जा की आवश्यकता होगी ?
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एकसमान निकटतम पहुँच की दूरी के लिए `prop - ` कणों एंव प्रोटॉनों की गतिज ऊर्जा का मान `K_(alpha) "व" K_(p)` हो , तो
`K_(alpha) = K.Ze.2e`
`K_(p) = (K.Ze.e)/(d)`
`K_(p) = (1)/(2)(K.Ze.Ze)/(d)`
`therefore K_(p) = (1)/(2)(K_(alpha))/(d)`
अर्थात् प्रोटॉन की गतिज ऊर्जा `alpha -` कणों की गतिज ऊर्जा से अधिक होगी ।
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