यंग के द्विस्लिट प्रयोग में व्यतिकरण फ़्रिंजों को प्राप्त करने के लिए , 650 nm तथा 520 nm तरंगदैघ्यों के प्रकाश पुंज का उपयोग किया गया । केंद्रीय उच्चि
यंग के द्विस्लिट प्रयोग में व्यतिकरण फ़्रिंजों को प्राप्त करने के लिए , 650 nm तथा 520 nm तरंगदैघ्यों के प्रकाश पुंज का उपयोग किया गया ।
केंद्रीय उच्चिष्ठ से उस न्यूनतम दूरी को ज्ञात कीजिए जहाँ दोनों तरंगदैघ्यों के कारण दीप्त फ्रिंज संपाती ( coincide ) होते हैं ।
1 Answers
दिया है -
`lambda_(1)=6500Å=6500xx10^(-10)m`
`lambda_(2)=5200Å=5200xx10^(-10)m`
`d=2mm=2xx10^(-3)m`
`D=120cm=120xx10^(-2)m`
(b) प्रथम तरंग की n वीं दीप्त फ्रिंज एवं द्वितीय तरंग की `(n+1)` वीं दीप्त फ्रिंज के अतिव्यापन की न्यूनतम दुरी
`y=((n+1)lambdaD)/(d)," "(because lambda_(1) gt lambda_(2))`
`y=y_(n+1)`
`(nlambda_(1)D)/(d)=((n+1)lambda_(2)D)/(d)`
या `" "n lambda_(1)=(n+1)lambda_(2)`
या `" "nxx6500=(n+1)5200`
या `" "1300n=5200`
या `" "n=4`
`therefore" "y=(n lambda_(1)D)/(d)`
`y=(4xx6500xx10^(-10)xx120xx10^(-2))/(2xx10^(-3))`
`y=1.56xx10^(-3)m=1.56mm`