यदि प्रश्न 5*5 में बताई गई परिनालिका ऊर्ध्वाधर दिशा के पारित : घूमने के लिए स्वतंत्र हो और इस पर क्षैतिज दिशा में `0*25T^(-1)` का एकसमान चुंबकीय क्षेत्र लगाया जाए , तो इस परिनालिका पर लगने वाले बल आघूर्ण का परिणाम उस समय क्या होगा ,जब इसकी अक्ष आरोपित क्षेत्र कि दिशा से `30^(@)` का कोण बना रही हो ?

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दिया है - चुंबकीय आघूर्ण `M=0*6JT^(-1)`
`B=0*25T,theta=30^(@)`
सूत्र- `tau=Mbsintheta`
`=0*6xx0*25xxsin30^(@)`
`=7*5xx10^(-2)J`.

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