एक छोटा -सा दण्ड चुम्बक 0*16 टेसला के एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में `30^(@)` के कोण पर रखा गया है । इस स्थिति में इस पर लगने वाले बल आघूर्ण का मान `0*032` जूल है।
(a) चुम्बक के चुम्बकीय आघूर्ण कि गणना कीजिए ।
(b) यदि चुम्बक घूमने के लिए स्वंतन्त्र हो , तो (i ) स्थायी और (ii ) अस्थायी सन्तुलन के लिए कौन -से अभिविन्यास होगें ?
स्थिति (i) और (ii) में इसकी स्थितिज ऊर्जा क्या होगी ?

4 views

1 Answers

(a) सूत्र -`tau=MBsintheta`
दिया है -`B=0*16` टेसला, `theta=30^(@),tau=0*032` जूल है ।
सूत्र मान रखने पर,
`0*032=Mxx0*16xxsin30^(@)`
या `0*032=Mxx0*16xx(1)/(2)`
या `M=(0*032xx2)/(0*16)`
=0*40 जूल /टेसला|
(b) (i) चुम्बक स्थायी सन्तुलन में उस समय होता है जबकि इसका चुम्बकीय आघूर्ण `vecM`, चुम्बकीय क्षेत्र `vecB` के समान्तर होता है अर्थात `theta=0^(@)`
अतः स्थायी सन्तुलन में चुम्बक की स्थितिज ऊर्जा
`=-MBcostheta`
`=-0*40xx0*16xxcos0^(0)=-0*064` जूल|
(ii) चुम्बक अस्थायी सन्तुलन में उस समय होता है जबकि उसका चुम्बकीय आघूर्ण `vecM` चुम्बकीय क्षेत्र `vecB` के विपरीत होता है अर्थात `theta=180^(@)`
अतः अस्थायी सन्तुलन में चुम्बक की स्थितिज ऊर्जा
`=-MBcostheta`
`=-0*40xx0*16xxcos180^(@)`
`=-0*064xx(-1)=0*064` जूल|

4 views

Related Questions